शेयर बाज़ार क्या है? NIFTY & SENSEX AND DEMAT ACCOUNT

National Stock Exchange

शेयर बाज़ार क्या है? NIFTY & SENSEX AND DEMAT ACCOUNT

 

यहां मैंने शेयर बाजार ( Nifty & Sensex) की ट्रेडिंग गतिविधि की कहानी को संक्षेप में प्रस्तुत किया है। निम्नलिखित विषयों को यहाँ समझाया गया है।

 

शेयर ट्रेडिंग के प्रकार।

मौलिक और तकनीकी विश्लेषण

डीमैट खाता ( Demat Account)

कुछ अच्छे स्टॉक खोजने का तरीका

ऋण अनुपात, पीई, ईपीएस, मार्केट कैप के बारे में जानकारी। आदि

आरएसआई, एमए, एमएसीडी, वीडब्ल्यूएपी, आदि के बारे में।

स्टॉक मूवमेंट के समझने के लिए कुछ ग्राफ़

निष्कर्ष

पहला भाग

 

सेंसेक्स या निफ्टी (दोनों सेबी इंडिया द्वारा नियंत्रित) में किसी भी प्रकार की खरीदारी, ट्रेडिंग के अंतर्गत आती है। संयुक्त रूप से, दोनों को स्टॉक मार्केट कहा जाता है। अपने डीमैट अकाउंट के द्वारा दोनो में  आप भी ट्रेडिंग कर सकते हैं |

 

कंपनियां अपनी विस्तार योजना या ऋण चुकाने के लिए लोगों से धन एकत्र करने के लिए सेबी में खुद को पंजीकृत करती हैं। अगर आप उस कंपनी का शेयर खरीदतें हैं तो आप उस कंपनी के हिस्सेदार हो जाते हैं |  शेयर बाजार में कई तरह की ट्रेडिंग ( खरीद बिक्री का तरीका ) उपलब्ध हैं।


Upstox- For Demat account
Upstox- For Demat account

दूसरा भाग

चार तरीके लोग ही खरीद बिक्री शामिल होते हैं 1. खुदरा विक्रेताओं ( Retails means आप और हम), 2. म्यूचुअल फंड हाउस ( Mutual Fund Companies), 3. घरेलू संस्थागत निवेशक ( DII-Domestic Institutional Investors) & 4. विदेशी संस्थागत निवेशक ( FII-Foreign Institutional Investors).

शेयर बाज़ार में मुख्यतः छः तरीके का खरीद बिक्री होता है |

 

i) इंट्रा डे ट्रेडिंग (Intraday):- उसी दिन शेयरों की खरीद और बिक्री इस श्रेणी में आती है। यह सभी व्यापारिक गतिविधियों में सबसे चुनौतीपूर्ण गतिविधि है।

 

ii) डिलिवरी आधारित ट्रेडिंग ( Delivery): – यहां आप अपने लाभ पर स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए स्वतंत्र हैं। एक ही दिन स्टॉक बेचने की कोई शर्त नहीं है।

 

iii) विदेशी मुद्रा व्यापार (Forex): – यहां आप विदेशी मुद्राओं का व्यापार कर सकते हैं। यह एक दूसरे के खिलाफ विभिन्न देशों की मुद्राओं का व्यापार है।

 

iv) कमोडिटी ट्रेडिंग ( Commodity): – वस्तुतः सोना, तांबा, तेल (हार्ड कमोडिटीज) और कृषि उत्पाद जैसे गेहूं, कॉफी, कोको, फल और चीनी (सॉफ्ट कमोडिटीज) खरीदते और बेचते हैं।

 

v) वायदा और विकल्प: – इस प्रणाली में इंट्राडे ट्रेडिंग के समान विशेष रूप से बहुत सारे शेयरों ने खरीदा और बेचा है। वायदा और विकल्प प्रणाली ( Future & Options) में आप बहुत कम मार्जिन (पैसे लगाकर)  पर, यहाँ बहुत सारे शेयर खरीदते या बेचते हैं।

 

vi) म्यूच्यूअल फण्ड: – यहाँ आप शेयर बाजार में पैसे के निवेश के लिए एक फंड मैनेजर को नियुक्त करते हैं। आप म्यूचुयल फंड हाउस को पैसा देते हैं और वे आपके बदले में खरीदारी करतें है

 


तीसरा भाग

लेकिन यहां मैं सिर्फ डिलीवरी बेस्ड ट्रेडिंग या कैश ट्रेडिंग के बारे में बता रहा हूं।

 

नकद व्यापार: यह मौलिक विश्लेषण और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर किया जाता है। मौलिक विश्लेषण ( Fundamental Analysis ) निवेश के उद्देश्यों के लिए अधिक प्रासंगिक है जिसका अर्थ है लंबी अवधि के लिए खरीदारी करना।

 

लेकिन तकनीकी विश्लेषण ( Technical Analysis), इंट्राडे या स्विंग( Swing)/बीटीएसटी (Buy Today Sell Tomorrow) के लिए अधिक उपयुक्त है ट्रेडिंग का अर्थ है बहुत कम समय के लिए स्टॉक खरीदना।

 

मौलिक विश्लेषण: यह कंपनी की स्थिति के बारे में जानकारी देता है जिसका अर्थ है इसका बाजार पूंजीकरण ( Market Capitalization), ऋण की स्थिति ( Debt Equity ratio), कमाई (Earnings), परिचालन नकदी की स्थिति ( Cash for business operations), पीई (PE), ईपीएस( EPS), सीएजीआर( CAGR), पीबीआर(PBR), आदि।

 

टेक्निकल एनालिसिस: प्राइस मूवमेंट एक्शन का पता लगाने का यह सबसे तेज़ तरीका है यानी बहुत कम समय में स्टॉक की कीमत में वृद्धि। तकनीकी विश्लेषण के लिए पैरामीटर आरएसआई (RSI), एमएसीडी(MACD), वीडब्ल्यूएपी(VWAP), बोलिंगर बैंड (Bollinger Band), एवीडब्ल्यूएपी (AVWAP), एमए (MA)आदि हैं।


Commodity Trade Exchange
Commodity Trade Exchange

चौथा भाग

DEMAT ACCOUNT: –सबसे पहले आप किसी भी बैंक में या किसी डिस्काउंट ब्रोकर एजेंसी जैसे ज़ेरोधा (Zerodha), अपस्टॉक्स (Upstox), 5पैसा (5 paise), Angel Broking, आदि के साथ डीमैट खाता खोलें। डिस्काउंट ब्रोकरेज एजेंसी शेयर बाजार में हर ऑपरेशन के लिए बहुत कम शुल्क लेती है और संचालित करने में बहुत आसान है। इस सेगमेंट में ज़ेरोधा बेस्ट है।

 

आपके पैसे से ब्रोकिंग एजेन्सी आपके लिए NSE  या BSE के साइट्स से आपके द्वारा बताए गये कंपनी का शेयर खरीद लेती है | इसके बाद आपके ईमेल पर शाम में या अगले दिन NSDL या CDSL से खरीदारी का confirmation mail आ जायगा | मतलब आपके ब्रोकर द्वारा खरीदे गये शेयर NSDL या CDSL के पास सुरक्षित है।

 

लेकिन यदि आप कमॉडिटी में ट्रेड करेंगे तो आपका शेयर MCX ( Multi Commodity Exchange) एक्सचेंज खरीदा या बेचा जायगा |


5वां भाग

 

शेयर बाजार के बारे में सीखना शुरू करें: – द इकोनॉमिक्स टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड, द बिजनेसलाइन आदि जैसे बिजनेस अखबार खरीदना शुरू करें।

 

अपने स्मार्टफोन में कुछ उपयोगी ऐप डाउनलोड करें जैसे मनीकंट्रोल( Money Control), स्क्रीनर(Screener), स्टॉकेज (Stockedge), मार्केट गुरुकुल (Market Gurukul) आदि।

 

इन एप्लिकेशन में साइन इन करने के बाद अपना वर्चुअल पोर्टफोलियो बनाएं। अब निवेश प्रस्ताव के लिए कंपनियों के नाम जोड़ें और उनके दैनिक चाल  ( मतलब उतार चढ़ाव ) को नोट करना शुरू करें।

 

यदि आप बिना किसी लागत के सीखने के लिए गंभीर हैं, तो नितिन भाटिया (Nitin Bhatia), विवेक बजाज(Vivek Bajaj), एनकटॉक (NKTalk) आदि जैसे यूट्यूब चैनलों की सदस्यता लें। वे बाजार के किसी भी पक्षपातपूर्ण दृष्टिकोण के बिना आपको सिखाने के लिए उत्कृष्ट हैं।


Naukri (Infoedge) Stock Movement
Naukri Stock Movement

छठा भाग

 

मौलिक विश्लेषण ( Fundamental Analysis)

पीई अनुपात (= वर्तमान बाजार दर/प्रति शेयर आय) – पहले किसी भी प्रतिष्ठित ऐप से या सीधे एनएसई वेबसाइट से 3-5 साल के लिए इस अनुपात को एकत्र करें। फिर औसत मूल्य की गणना करें। अगर पीई राशन 0 से 8 के बीच और 18 से ज्यादा है तो ऐसी कंपनियों में निवेश करने से बचें। 8 से 18 के बीच पीई अनुपात, लंबी अवधि के निवेश के लिए सबसे उपयुक्त कंपनी।

 

आरओआर (ROR) या आरओसीई (ROCE): (प्रतिफल की दर या नियोजित पूंजी पर प्रतिफल) निवेश उद्देश्यों के लिए, औसतन 3-5 वर्ष 20% से अधिक होना चाहिए।

 

डेट टू इक्विटी रेश्यो (Debt to equity ratio) (= टोटल डेट/इक्विटी):- सुरक्षित निवेश के लिए यह 1 से कम होना चाहिए।

 

प्रमोटरों (Promoter) या मालिकों की हिस्सेदारी कुल शेयरों का न्यूनतम 40% होगी।

 

कई बार प्रमोटर या मालिक अपने हिस्से के बदले बैंक से कर्ज लेते हैं, इसे गिरवी (Pledge) कहा जाता है। अगर प्रमोटर या मालिक अपने शेयर के खिलाफ गिरवी रखते हैं, तो ऐसी कंपनियों से निवेश के उद्देश्य से बचें।

 

सीएजीआर (CAGR) (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) (= निवेश का अंतिम मूल्य / निवेश का प्रारंभिक मूल्य): – सुरक्षित निवेश के लिए यह 10% से अधिक होना चाहिए। उदाहरण के लिए यदि आपने रु. 2014 में विशेष कंपनी के शेयर में 10,000.00 और मूल्य बढ़कर रु। 2017 में 19,500.00। फिर सीएजीआर के लिए = [{(19500/10000) शक्ति (1/3 (वर्षों की संख्या)} – 1] = [{(1.95) शक्ति 0.33} – 1] = 1.2493 -1 = 0.2493 = 24.3 %


CERA Stock Movement with Time
CERA Stock Movement with Time

7वां भाग

 

तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)

 

i) रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI):- यह स्टॉक प्राइस मूवमेंट का इंडिकेटर है। 60 से 80 खरीद क्षेत्र के अंतर्गत आता है। 80 से अधिक का मतलब है कि स्टॉक ओवरबॉट ज़ोन में है, कीमत अल्पावधि में गिर सकती है। 60 से कम का मतलब है, स्टॉक चलने के लिए तैयार नहीं है।

 

ii) मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डिवर्जेंस: – एमएसीडी (MACD- Moving Average Convergence  Divergence) की गणना 12-अवधि के ईएमए (EMA)  से 26-अवधि घातीय मूविंग एवरेज (ईExponential Moving Average) को घटाकर की जाती है।

 

नौ-दिवसीय ईएमए को “सिग्नल लाइन” कहा जाता है। यह एमएसीडी लाइन के शीर्ष पर प्लॉट किया गया है, जो सिग्नल खरीदने और बेचने के लिए ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकता है। सिग्नल लाइन का रंग लाल है और एमएसीडी के लिए काला है।

 

ईएमए (EMA) एक पैरामीटर है जिसमें एक निश्चित समय अवधि में मात्रा के साथ मूल्य आंदोलन शामिल होता है।

 

iii) वीडब्ल्यूएपी ( VWAP): वॉल्यूम भारित औसत मूल्य एक संकेतक है, जो दी गई समय अवधि के दौरान समापन कीमतों का औसत है। यह मात्रा के साथ मूल्य सीमा को जोड़ती है। लेकिन VWAP ( Volume weighted Average Price) एक पिछड़ा हुआ संकेतक है क्योंकि यह पिछले डेटा पर आधारित है।

 

iv) AVWAP: – चार्ट पर समर्थन और प्रतिरोध के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए एंकर VWAP ( Anchored volume weighted Average Price)  संकेतक VWAP का एक और संस्करण है। AVWAP का विश्लेषण करने के बाद, आपको खरीदने और बेचने का संकेत मिलता है।

 

v) बोलिंगर बैंड: – बोलिंगर बैंड  (Bollinger Band) कीमतों की तुलना करते हैं, चाहे वे सापेक्ष आधार पर उच्च या निम्न हों। बोलिंगर बैंड 2 पैरामीटर, अवधि और मानक विचलन का उपयोग करते हैं। अलग-अलग समय अवधि के लिए एक ऊपरी और निचला बैंड और मानक विचलन के लिए एक मध्य बैंड है।


Long Timeframe Movement of Polycab
Long Timeframe Movement of Polycab


आठवां भाग

उपरोक्त लिखित प्रक्रिया को लागू करने के बाद, आपको कुछ गुणवत्ता वाले शेयरों के नाम मिलेंगे | अब इनमें से कुछ शेयर को चुनने के लिए सबसे fast method   ग्रॅफ अनॅलिसिस ( Graph Analysis)  है |

किसी भी कंपनी का 5 साल का गति GRAPH पर देखने से बहुत सारी प्रॅक्टिकल रिज़ल्ट अपने आप समझ में आने लगता है. जैसे कंपनी के शेयर का प्राइस लगातार बढ़ या गिर रहा है उसको देख आप खरीदने या बेचने का option सोच सकते हैं |

ग्रॅफ देखने से यह भी समझ आता की कंपनी Cyclical या सीज़नल ( Seasonal ) ट्रेंड को फॉलो कर रही या ऑल टाइम हाइ ( All Time High ) पर है |


CONCLUSION:

स्मॉल एंड मिड-कैप कंपनियां: – सेबी के नए नियमों के अनुसार, 3500 करोड़ से 8500 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीकरण वाली कंपनियां मिड कैप कंपनी सेगमेंट के अंतर्गत आती हैं।

मार्केट कैप से नीचे की कंपनियां 3500 करोड़ रु. स्मॉल कैप कंपनियों के अंतर्गत आते हैं। मिड और स्मॉल के बीच पहले की डिवाइडिंग रेंज 1000 करोड़ रुपये है।

 

नोट:- उपरोक्त सभी जानकारी केवल ज्ञान के उद्देश्य से है। अगर किसी भी विषय में ज़्यादा जानना चाहतें हैं तो youtube पर सर्च कर वीडियो देखिए |

किसी भी प्रकार के स्टॉक निवेश से पहले आपको अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। शेयर बाजार में आपके निवेश के कारण किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान के लिए हम जिम्मेदार नहीं हैं।

 

अस्वीकरण

ऊपर दिखाए गए चित्र केवल दृष्टांत उद्देश्यों के लिए उपयोग किए गए हैं। कोई कॉपीराइट उल्लंघन का इरादा नहीं।

 

आप अपने प्रश्न ईमेल पर डाल सकते हैं- rahulrainbow11@gmail.com

rahulrainbow

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